
📝 कहानी:राहुल हर दिन अपने गांव के स्कूल जाने के लिए 5 किलोमीटर पैदल चलता था। उसके पास जूते नहीं थे, किताबें पुरानी थीं, लेकिन उसके सपने बड़े थे।एक दिन उसके शिक्षक ने कहा,
> “सपने वो नहीं जो नींद में आएं, सपने वो हैं जो नींद न आने दें।”
राहुल ने ठान लिया कि वह कुछ बड़ा करेगा। हर दिन मेहनत करता रहा, छोटे-छोटे कदमों से आगे बढ़ता रहा। कई बार गिरा, लेकिन रुका नहीं।सालों बाद वही राहुल एक IAS अधिकारी बन गया।
📚 संदेश:
> “आपका संघर्ष आज छोटा लग सकता है, लेकिन एक दिन वही आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगा।”
”कभी हार मत मानो, क्योंकि शुरुआत हमेशा सबसे मुश्किल होती है।”
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