
राहुल और प्रिया की जोड़ी कॉलेज में सबकी फेवरेट थी। जहां राहुल थोड़ा टेक-सैवी और चुटकुला मास्टर था, वहीं प्रिया थोड़ी इमोशनल और attention seeker किस्म की लड़की थी — मतलब, उसे बस राहुल का पूरा ध्यान चाहिए होता था।
एक दिन, कैफे में बैठे-बैठे प्रिया ने राहुल को घूरते हुए कहा:
प्रिया (थोड़ा नाराज़ होकर):
“तू दिन भर फोन में ही लगा रहता है। बता, मुझसे ज्यादा ध्यान किस पर है?”
राहुल ने सिर उठाया, मुस्कराया, और अपनी आदत के मुताबिक फिर एक लाइन मार दी:
राहुल:
“बैटरी लो परसेंट में है यार, तू तो 100% में रहती है! 😍🔋”
प्रिया का चेहरा पहले तो गंभीर रहा, लेकिन फिर वो खुद को रोक नहीं पाई और हँस पड़ी।
प्रिया:
“तेरे ये बहाने और डायलॉग्स ना, एक दिन जान ले लेंगे मेरी!”
राहुल:
“अरे जान तो पहले ही दे चुका, तू मेरी लाइफ का वो ऐप है जो कभी क्रैश नहीं होता।जब भी मैं थक जाता हूँ, तू मेरी चार्जिंग पॉइंट बन जाती है।⚡❤️”
प्रिया (थोड़ा पिघलते हुए):
“अच्छा? तो बाकी लड़कियां क्या हैं? इंस्टॉल हो जाती हैं क्या?”
राहुल (हँसते हुए):
“उन्हें तो मैं ‘स्किप ऐड’ करता हूं, तू मेरी ‘पिन टू टॉप’ नोटिफिकेशन है। 📱💌तेरे बिना तो जैसे वाई-फाई बिना इंटरनेट!”
दोनों हँसते-हँसते अपनी कॉफ़ी पीने लगे।
थोड़ी देर बाद प्रिया ने राहुल का फोन उठाया और देखा — सच में बैटरी 3% थी।
प्रिया:
“फोन बंद हो जाएगा, चार्ज कर ले।”
राहुल:
“कोई बात नहीं, तू पास है ना।फोन चार्ज बाद में कर लूंगा, अभी तुझे टाइम देना ज़रूरी है।”
प्रिया (मुस्कराते हुए):
“कभी-कभी लगता है तू वाकई मेरे लिए ही बना है।”
राहुल:
“ना ना… तू तो मेरी ‘पासवर्ड प्रोटेक्टेड फीलिंग’ है।बाकी सब के लिए फोन में लॉक है, और तेरे लिए दिल हमेशा अनलॉक। 🔓❤️”
अंत में:कैफे की खिड़की के पास बैठी ये जोड़ी सिर्फ एक-दूसरे की बातें सुन रही थी —ना कोई इंस्टाग्राम, ना कोई रील — बस दो दिल, एक कॉफ़ी और प्यार भरी नोटिफिकेशन…
अगर प्यार में नेटवर्क स्ट्रॉन्ग हो, तो लाइफ कभी हैंग नहीं होती!
