
एक बेटा शहर में बड़ी नौकरी करता था, लेकिन माँ को कभी समय नहीं देता था।📱💼📅
माँ रोज उसे फोन करती – “बेटा, कब आ रहा है?”वो कहता – “माँ, बहुत बिज़ी हूँ, अगली छुट्टी में आऊँगा।”📞😔
एक दिन माँ ने बेटे को एक चिट्ठी भेजी –”बेटा, जब तू छोटा था, तू दिन में दस बार गिरता था,मैं हर बार तुझे उठाकर गले लगाती थी।अब तू बड़ा हो गया है, पर मैं अकेली रह गई हूँ… क्या एक बार फिर तू मुझे गले लगाएगा?”💌💔
बेटा ये पढ़कर फूट-फूट कर रो पड़ा।😭📝
उसी दिन वह माँ के पास गाँव लौट आया।माँ की झुर्रियों से भरा चेहरा बेटे को देखकर खिल उठा।👩🦳👦❤️
सीख:
समय रहते माँ से मिल लो, क्योंकि समय तो लौट सकता है, पर माँ नहीं।⏳👣🙏
—
