January 15, 2026

‎📝 कहानी:‎राहुल हर दिन अपने गांव के स्कूल जाने के लिए 5 किलोमीटर पैदल चलता था। उसके पास जूते नहीं थे, किताबें पुरानी थीं, लेकिन उसके सपने बड़े थे।‎एक दिन उसके शिक्षक ने कहा,

‎> “सपने वो नहीं जो नींद में आएं, सपने वो हैं जो नींद न आने दें।”

राहुल ने ठान लिया कि वह कुछ बड़ा करेगा। हर दिन मेहनत करता रहा, छोटे-छोटे कदमों से आगे बढ़ता रहा। कई बार गिरा, लेकिन रुका नहीं।‎सालों बाद वही राहुल एक IAS अधिकारी बन गया।

‎📚 संदेश:

‎> “आपका संघर्ष आज छोटा लग सकता है, लेकिन एक दिन वही आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगा।”

‎”कभी हार मत मानो, क्योंकि शुरुआत हमेशा सबसे मुश्किल होती है।”

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