
राहुल एक शांत और सीधा लड़का था। कॉलेज में उसका ज्यादा दोस्त नहीं था। एक दिन लाइब्रेरी में किताब ढूंढते हुए उसकी नज़र एक लड़की पर पड़ी — सिया।
सिया मुस्कुराई, और बस वही एक मुस्कान राहुल की दुनिया बदल गई।
धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती हुई। किताबों से शुरू हुई बातचीत दिल की बातों तक पहुंच गई। राहुल को सिया से प्यार हो गया, पर वो कह नहीं पाया।एक दिन सिया ने खुद ही पूछा, “तुम मुझसे कुछ कहना चाहते हो?”राहुल ने झिझकते हुए कहा, “मैं तुम्हें हर रोज़ देखता हूँ, पर तुम्हें खोने से डरता हूँ…”
सिया ने मुस्कुरा कर उसका हाथ थाम लिया और बोली,”जो डर के पास आता है, वही सच्चा प्यार होता है।”
वो दिन उनकी पहली डेट बन गई।
अब भी हर साल उसी लाइब्रेरी में मिलते हैं — जहां उनकी कहानी शुरू हुई थी।क्योंकि सच्चा प्यार किताबों की तरह होता है… हर पन्ना कुछ नया सिखाता है, लेकिन दिल बस एक ही कहानी से जुड़ता है।
