सीमा एक छोटे से कस्बे की लड़की थी। घर में तंगी थी, सोच पुरानी थी, और समाज की जंजीरें भारी थीं।👩🦱🏚️⛓️
लोग कहते, “लड़कियाँ घर संभालती हैं, सपने नहीं देखतीं।”पर सीमा की आँखों में एक सपना था — अध्यापिका बनने का।👀📚👩🏫

वह रात को चुपचाप पढ़ती, दिन में सिलाई करती और अपनी पढ़ाई के लिए पैसे जोड़ती।🌙🪡📖
रास्ता आसान नहीं था — ताने, रुकावटें, और कभी-कभी अपनों का विरोध भी।मगर सीमा ने हार नहीं मानी।🛑💔🚫➡️💪
आखिरकार, उसने एक सरकारी परीक्षा पास की और एक स्कूल में शिक्षिका बन गई।अब वह उन बेटियों को पढ़ाती है, जिनके सपनों को पहले कुचला जाता था।🏫🌸👧📘
एक दिन किसी ने पूछा,”तू यहाँ तक कैसे पहुँची?”सीमा मुस्कराई और बोली:”जिसे आगे बढ़ना है, वो कहीं पर भी बढ़ सकता है, चाहे जगह कोई भी हो।”🚶♀️🔥🌈
संदेश:”औरत कमज़ोर नहीं होती, बस उसे अपने पर यक़ीन दिलाने वाला एक मौका चाहिए होता है।”👑✨
